जीवन में आने वाले चैलेंज को हमारा शरीर किस प्रकार से स्वीकार करता है, उसका रिस्पॉन्स या प्रतिक्रिया स्ट्रेस (Stress) के रूप में सामने आता है। अक्सर स्ट्रेस शब्द आते ही लोगों को ये ख्याल आता है कि ये बुरी चीज है, लेकिन हैरानी की बात ये है कि स्ट्रेस की प्रतिक्रिया अच्छी भी हो सकती है और बुरी भी। हमारे ब्रेन को सजग, जागरूक, सक्रिय और हेल्दी बनाए रखने के लिए एक सही मात्रा में स्ट्रेस की जरूरत होती है।
आमतौर पर स्ट्रेस ट्रिगर होते ही शरीर में स्ट्रेस हॉर्मोन कोर्टिसोल और एड्रेनलीन का प्रोडक्शन होने लगता है। इसकी अधिकता होने पर ये स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित होता है और एंग्जायटी (Anxiety), डिप्रेशन (Depression), लो इम्युनिटी और हाई बीपी जैसी समस्याएं पैदा करता है। हालांकि, शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए जरूरी है कि आप नियमित रूप से गुड स्ट्रेस (Good Stress) का सामना करें। आइए जानते हैं कैसे गुड स्ट्रेस आपके लिए है फायदेमंद-
क्या है गुड स्ट्रेस?
ऐसे स्ट्रेस जिनसे नुकसान नहीं बल्कि कई फायदे हों वे गुड स्ट्रेस कहलाते हैं। किसी स्ट्रेस के प्रति आपकी जो प्रतिक्रिया होती है वो इस बात को निर्धारित करती है कि ये गुड स्ट्रेस है या फिर बैड।
गुड स्ट्रेस के फायदे-
- गुड स्ट्रेस देने वाली चीजों को गुड स्ट्रेसर कहते हैं।
- वेट ट्रेनिंग, नया वर्कप्लेस, इंटरव्यू, आइस बाथ, कठिन सवालों को सॉल्व करना, कोई नई स्किल सीखना आदि गुड स्ट्रेसर के उदाहरण हैं ।
- गुड स्ट्रेस शॉर्ट टर्म होता है और ये आपको प्रेरित करता है, आपकी एनर्जी पर फोकस करता है और आपको आगे बढ़ने के लिए तैयार करता है।
- ये एक सकारात्मक दबाव बनाता है, जिसके कारण आपकी परफॉर्मेंस बूस्ट होती है।
- ये आपको आने वाले अगले कदम के लिए जागरूक करता है और आपके ब्रेन को और भी सजग बनाता है।
- इससे याद्दाश्त में भी सुधार होता है।
- गुड स्ट्रेस में व्यक्ति पॉजिटिव एनर्जी से किसी काम को पूरा करने का मन बनाता है, जिससे उसकी दृढ़ इच्छाशक्ति बढ़ती है और निश्चित सफलता में मदद मिलती है।
- गुड स्ट्रेस क्रिएटिविटी बढ़ाता है और ग्रोथ माइंडसेट को बढ़ावा देता है।
- ये भविष्य में आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार करता है और उनसे निपटने के लिए आत्मविश्वास पैदा करता है।