ज्योतिष शास्त्र में सूर्य देव को आत्मा का कारक माना जाता है। सूर्य देव की कृपा से जातक को आरोग्य जीवन का वरदान प्राप्त होता है। साथ ही करियर और कारोबार को नया आयाम मिलता है। ज्योतिष भी करियर में मन मुताबिक सफलता पाने के लिए सूर्य देव की पूजा करने की सलाह देते हैं। सूर्य देव के राशि परिवर्तन करने की तिथि पर संक्रांति मनाई जाती है। सूर्य देव के तुला राशि में गोचर करने की तिथि पर तुला संक्रांति मनाई जाएगी। आइए, तुला संक्रांति तिथि का शुभ मुहूर्त एवं योग जानते हैं-
यह पर्व सूर्य देव के राशि परिवर्तन की तिथि पर मनाया जाता है। इस शुभ अवसर पर सूर्य देव की उपासना की जाती है। साथ ही पूजा जप-तप और दान-पुण्य किया जाता है। धार्मिक मत है कि सूर्य देव की पूजा (Tula Sankranti 2024) करने से साधक को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। साथ ही करियर और कारोबार को नया आयाम मिलता है।